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नवशक्ति — दिन 9 · सिद्धिदात्री
NAVSHAKTI · नवरात्रि 2026
19 अक्टूबर 2026 · 32:27 · 5 आवाज़ें
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। नौवाँ और अंतिम दिन: माँ सिद्धिदात्री — पूर्णता, और जो नौ दिनों से बनता है। कहा जाता है कि आठों सिद्धियाँ स्वयं शिव को इन्हीं से मिलीं, और उसी क्षण से वे अर्धनारीश्वर कहलाए — आधा पुरुष, आधा स्त्री, एक ही शरीर में। देव भी उनके बिना पूर्ण नहीं थे। और कार्यक्रम का कथन यही है: पूर्णता कोई दसवीं चीज़ नहीं है — वही नौ हैं, एक साथ। ज़मीन, टिकाव, केंद्रित साहस, रचने की इच्छा, कोमलता, न्याय, डर के साथ जीना, और गिरने के बाद की सफ़ाई। और जो पूर्ण है वह बाँटता है: सिद्धिदात्री सिद्धि अपने पास नहीं रखतीं — पूर्णता जमा करने से नहीं आती। चार स्वर, और शृंखला का सबसे युवा स्वर आज ही है — ग्यारह वर्ष की प्रियांशी झा, बिहार से, जिन्होंने स्वयं हारमोनियम बजाकर मीरा का पद गाया है; मीरा ने सिद्धि तप से नहीं, युद्ध से नहीं, केवल लगन से पाई थी। साथ में लता माहेश्वरी, अवतार सिंह व नीरू गुलाटी, तथा पद्मिनी शर्मा व नीरू गुलाटी। नौ दिनों में तीस से अधिक आवाज़ें — सबसे वरिष्ठ सतहत्तर वर्ष की, सबसे युवा ग्यारह की। सबने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 19 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। आठवाँ दिन: माँ महागौरी — शुद्धता और करुणा, तूफ़ान के बाद की शांति। परंपरा कहती है कि तप से उनका वर्ण श्याम पड़ गया था, और शिव ने उसी रंग पर उन्हें छेड़ा — तप उन्होंने किया, और टिप्पणी उनके रंग पर हुई। गंगा में स्नान के बाद वह आवरण धुल गया, पर मिटा नहीं: वह अलग होकर एक पृथक् देवी बन गया — कौशिकी — और उन्हीं कौशिकी ने शुंभ-निशुंभ का वध किया। जिस हिस्से पर ताना मिला और जिसे उन्होंने त्याग दिया, वही योद्धा बन गया। इसीलिए आज की शुद्धता "कभी मैला न होना" नहीं है — वह धुली हुई शुद्धता है, जो सबके पास हो सकती है। चार स्वर, चारों इस शृंखला में पहली बार। सुयोग पेनकर की ग़ज़ल (बहुत खूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी) के साथ उसका आधार खुलकर रखा गया है: ग़ज़ल का महबूब सूफ़ी परंपरा में अक्सर ईश्वर ही होता है, और आज की देवी वही हैं जिन्हें देखा और आँका गया — प्रश्न यह नहीं कि आप देख रहे हैं, प्रश्न यह है कि कैसे देख रहे हैं। सुरेश लुथरा के भजन (हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम) में एक पंक्ति है — तू ही माता, तू ही पिता है — और माता पहले आती है; राम का भजन, जो ईश्वर को पहले माँ कहता है। रेखा चौरसिया की सरस्वती-वंदना (हे शारदे माँ) आज के दिन से अपना केंद्रीय शब्द साझा करती है — तू श्वेतवर्णी, और महागौरी का ध्यान-श्लोक श्वेताम्बरधरा शुचिः; उसमें सबसे ज़रूरी पंक्ति है विद्या का हमको अधिकार दे माँ — अधिकार, कृपा नहीं। और शिव प्रसाद तिवारी (प्रतापगढ़, उ.प्र.) का गीत तूने मुझे बुलाया, शेरावालिये — नौ दिनों में पहला गीत जो सीधे देवी को पुकारता है। उसमें एक अंतर खुलकर कहा गया है: शेरावाली सिंह-वाहिनी हैं और यह नाम पंजाब-हिमाचल की परंपरा का है, जबकि महागौरी का वाहन शास्त्र में वृषभ है — पर या देवी सर्वभूतेषु, रूप नौ हैं और नाम अनेक। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 18 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। सातवाँ दिन: माँ कालरात्रि — निर्भयता, भय पर विजय। नौ रूपों में सबसे भयानक रूप, और सबसे शुभ नाम: शुभंकरी, जो कल्याण करती है। वाहन गर्दभ — बाक़ी देवियाँ सिंह, बाघ या कमल पर हैं; सबसे शक्तिशाली रूप उस पशु पर है जिसे कोई सुंदर नहीं कहता। शक्ति को सजावट नहीं चाहिए। रक्तबीज का वरदान था कि उसके रक्त की हर बूँद से एक और रक्तबीज जन्मे — यानी उस पर प्रहार करना ही उसे बढ़ाना था। इसलिए उन्होंने प्रहार करना छोड़ा और रक्त को ज़मीन पर गिरने से पहले पी लिया। यह दृश्य कोमल नहीं है, और परंपरा ने इसे कोमल बनाने की कोशिश भी नहीं की। आज का सार: कुछ डर लड़ने से बढ़ते हैं — उन्हें हराना नहीं पड़ता, उन्हें भीतर जगह देनी पड़ती है। चार स्वर — दिवाकर झा (मित्तर प्यारे नु हाल मुरीदा दा कहना), मीनू कपूर (ओ पालनहारे), नमिता मेदीरत्ता (कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे), और नीरू गुलाटी (ओ मैया तेरी जगमग ज्योत उजारी)। और दिन का अंत एक दीये पर होता है: सूरज हमारे हाथ में नहीं है, दीया है। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 17 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। छठा दिन: माँ कात्यायनी — संकल्प से न्याय तक। यही वे हैं जो महिषासुर का वध करती हैं, पर उनके नाम में एक बात छिपी है: कात्यायनी यानी कात्यायन की पुत्री। ऋषि कात्यायन ने तप में राज्य या सिद्धि नहीं माँगी — उन्होंने माँगा कि आदिशक्ति उनके घर बेटी बनकर आएँ, और देवी ने वह नाम स्वीकार कर लिया। नौ रूपों में सबसे बड़ी योद्धा का नाम उनकी जीत से नहीं, एक मनुष्य की इच्छा से बना — और लगातार दूसरा दिन, जब नाम उनका अपना नहीं है। भागवत के दशम स्कंध में वृंदावन की गोपियाँ इन्हीं का व्रत करती हैं, मनचाहे वर की कामना से: जिन्होंने महिषासुर का वध किया, उन्हीं के पास लड़कियाँ अपने मन की बात लेकर जाती हैं। न्याय और ममता दो अलग देवियाँ नहीं हैं। आज का सार — चुप रहना भी एक फ़ैसला है; वह तटस्थता नहीं। चार स्वर — भानुमती शर्मा (महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र), रेबा गुप्ता (संसार से भागे फिरते हो), सुधा दवे (बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे), और अशोक देशपांडे, 75 वर्ष (वो सुबह कभी तो आएगी)। अंतिम दो स्वर सरगम परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के हैं — आज वह मंच उन्हीं का है। हर गायक ने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 16 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। पाँचवाँ दिन: माँ स्कन्दमाता — वात्सल्य और मातृशक्ति। नौ रूपों में केवल यही नाम देवी का अपना नहीं है: स्कन्दमाता यानी स्कन्द की माता — नाम में पुत्र पहले, देवी बाद में। नाम उनके पास कम नहीं थे — पार्वती, उमा, गौरी, अपर्णा — पर इस दिन वे केवल किसी की माँ हैं। और आज की कथा वात्सल्य की परिभाषा बदल देती है: तारकासुर की मृत्यु केवल शिव के पुत्र के हाथों हो सकती थी, इसलिए तीनों लोकों की रक्षा इस बात पर टिकी थी कि एक बालक जन्मे और कोई उसे पाले। छह वर्ष की आयु में कार्तिकेय ने उस असुर का वध किया — और माँ ने उनके हाथ में जो दिव्य भाला रखा, उसका नाम था शक्ति। यह कथा हमें सुनाई सुशीला सुरेश कात्नेश्वरकर ने — पुणे से, सतहत्तर वर्ष की आयु में, अपने ही शब्दों में, अपनी ही आवाज़ में, मराठी में। तीन स्वर — देबाशीष नंदी (कान्हा बोले ना), इंद्राणी बरपुजारी (मैं तुलसी तेरे आंगन की), रक्षा एच. एस. (सुरमई अँखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे)। वात्सल्य का अर्थ थामे रखना नहीं है — सही समय पर छोड़ देना है। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 15 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। चौथा दिन: माँ कूष्माण्डा — सृजन और प्रकाश, शून्य से आरंभ। परंपरा कहती है कि जब कुछ नहीं था — न प्रकाश, न आकार, केवल अंधकार — तब उन्होंने हँसकर ब्रह्मांड रच दिया। पर उनकी ध्यान-पंक्ति एक और बात कहती है: उनके दोनों कमल-हाथों में कलश हैं, एक सुरा का और एक रुधिर से भरा। जिन्होंने मुस्कुराकर सृष्टि रची, उनके हाथ कोमल ही नहीं हैं — और फिर भी वे शुभदा कहलाती हैं, कल्याण देने वाली। रचने की कीमत जानते हुए भी रचना, यही शुभ है। और नाम देखिए: कूष्माण्ड का अर्थ है पेठा, सफ़ेद कद्दू — ब्रह्मांड रचने वाली देवी का नाम रसोई की एक साधारण वस्तु पर। सृष्टि भव्य नहीं, छोटी और गर्म शुरू होती है। तीन स्वर — बी. बालसुब्रह्मण्यम (ये कौन चित्रकार है), जयेश (दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई), नीरू गुलाटी (ज्योति कलश छलके)। विस्मय, फिर प्रश्न, फिर प्रकाश। हर गायक ने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 14 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। तीसरा दिन: माँ चन्द्रघण्टा — साहस, एकाग्रता और संयमित शक्ति। उनके नाम में दो उलटी चीज़ें साथ रहती हैं: चन्द्र — शीतलता, रात का उजाला जो आँख को चुभता नहीं; और घण्टा — चेतावनी का नाद। शांति भी, और युद्ध के लिए तैयारी भी, एक ही मस्तक पर। दुर्गासप्तशती के एकादश अध्याय का सत्ताईसवाँ श्लोक उनके घण्टे की स्तुति करता है — जिसका नाद जगत को भरकर असुरों का तेज नष्ट कर देता है। ध्यान दीजिए: वहाँ रक्षा किसी प्रहार से नहीं, ध्वनि से हो रही है। अस्त्र नहीं — अस्त्र का नाद। तीन स्वर — मीनू कपूर (इतनी शक्ति हमें देना दाता), पूर्वी व्यास (शिव ताण्डव स्तोत्र), शैलजा होता (मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा)। आज शिव केंद्र में हैं, और शक्ति उनके चारों ओर। हर गायक ने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 13 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। दूसरा दिन: माँ ब्रह्मचारिणी — तपस्या, संयम और संकल्प। उनका एक नाम अपर्णा है: शिव को पाने के लिए युगों तप किया — पहले फल-फूल, फिर शाक, फिर तीन हज़ार वर्ष केवल सूखे बिल्वपत्र — और फिर पत्ते भी छोड़ दिए। अ-पर्णा, “पत्तों के बिना”। युगों के तप के बाद नाम उन्हें उससे मिला जो उन्होंने पाया नहीं, बल्कि आख़िर में छोड़ा। तीन स्वर — सुमित कुमार बनर्जी (वर दे, वीणावादिनि वर दे), रामचंद्र कुलकर्णी (मन तड़पत हरि दर्शन को आज), आनंद रेणापुरे (जीवन से न हार ओ जीने वाले)। हर गायक ने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 12 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवशक्ति — नौ दिन, नौ शक्तियाँ। पहला दिन: माँ शैलपुत्री — स्थिरता, भीतर का आधार। नौ नामों का स्रोत देवीकवच है, और शैलपुत्री स्वयं सती हैं — पुनर्जन्म में; नवरात्रि का पहला दिन उस देवी का है जिन्हें फिर से शुरू करना पड़ा। पाँच स्वर — प्रेरणा अंचन (गणपति वंदना), भानुमती शर्मा (ऐ मालिक तेरे बंदे हम), नम्रता प्रहराज (उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया), और नीरू गुलाटी एवं बिश्वजीत जी का युगल (मधुबन खुशबू देता है)। हर गायक ने अपना गीत स्वयं चुना — और बताया, क्यों। ONE SONG • ONE SHAKTI • ONE WHY। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। प्रसारण 11 अक्टूबर 2026, प्रातः 7:30 और सायं 7:30।
नवरस दरबार 2026 — राज्याभिषेक · The Coronation (King & Cabinet)
NAVRAS DARBAR · KING & CABINET
3 सितंबर 2026 · 124:39 · 14 आवाज़ें
Radio Sur Sangam presents the Coronation of Navras Darbar 2026 — the King & Cabinet results. नौ रसों के नौ नवरस रत्न — श्रृंगार: Shuba Subramanian (Mumbai), हास्य: Bhanumathi Sharma (Mumbai), करुण: Dr Raju Dhir (Chandigarh), रौद्र: B. Balasubrahmanyam (Mumbai), वीर: Raksha H S (Bengaluru), भयानक: Namrata Praharaj (Bhubaneswar), बीभत्स: Jitendra Malviya (Prayagraj), अद्भुत: Shivani Gupta (Noida), शांत: Soma Roy (Agartala)। चार विशेष सम्मान — नवरस समकक्ष सम्मान: Nandinii Roy (Midnapore), नवरस द्विरस सम्मान: Rekha Chaurasia (Mirzapur), नवरस स्वर-गौरव सम्मान: Neeraj Verma (Jalandhar), नवरस सत्यनिष्ठा सम्मान: Anand Renapure (Pune)। नवरस साम्राज्ञी 2026 — Meenu Kapoor (Chandigarh)। हर विजेता का गीत पूरा सुनाया गया। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। सुपर जूरी — पुष्पिंदर सिंह, नमिता मेदिरत्ता। प्रसारण 3 सितंबर 2026।
नवरस दरबार — King & Cabinet · एपिसोड 7 — The Last Showdown
NAVRAS DARBAR · KING & CABINET
2 सितंबर 2026 · 69:46 · 13 आवाज़ें
नवरस दरबार — King & Cabinet का अंतिम महामुक़ाबला। नौ रस, तेरह आवाज़ें — शृंगार रस मेडली में विकास सचदेवा, डॉ. राजू धीर और उषा शेखर; करुण रस मेडली में मीनू कपूर, दिवाकर झा और सुरेश लूथरा; हास्य में भानुमती शर्मा, अद्भुत में आनंद रेणापुरे, वीर में सुधा दवे, भयानक में नंदिनी रॉय, रौद्र में बी. बालासुब्रह्मण्यम, बीभत्स में जितेन्द्र मालवीय और शांत में सोमा रॉय। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। रेडियो प्रसारण 2 सितंबर रात 9 बजे। मतदान 2-3 सितंबर की दरम्यानी रात 12 बजे बंद हो चुका है। यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
नवरस दरबार — King & Cabinet का छठा एपिसोड। आठ रसों में आठ आवाज़ें — शृंगार में स्वप्निल जोशी (उज्जैन), हास्य में सुमित कुमार बनर्जी (कोलकाता), करुण में विक्सन सिकरोरिया (इटावा), रौद्र में रक्षा एच. एस. (बेंगलुरु), वीर में प्रतिभा होता (कटक), भयानक में पूजा कमल ठक्कर (चेन्नई), बीभत्स में पूर्वी व्यास (अहमदाबाद) और अद्भुत में इन्द्राणी बरपुजारी (तिनसुकिया, असम)। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। रेडियो प्रसारण 2 सितंबर सुबह 9 बजे। सुनिए। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है। अंतिम एपिसोड 2 सितंबर रात 9 बजे प्रसारित हुआ।
नवरस दरबार — King & Cabinet का पाँचवाँ एपिसोड। आठ रसों में आठ आवाज़ें — शृंगार में शुभा सुब्रमण्यन (मुंबई), हास्य में अनिल पटेल (अहमदाबाद), करुण में रंजनी रमेश (बेंगलुरु), रौद्र में रेखा चौरसिया (मिर्ज़ापुर), वीर में सुधा दवे (अहमदाबाद), भयानक में भानुमती शर्मा (मुंबई), अद्भुत में शिवानी गुप्ता (नोएडा) और शांत में अशोक देशपांडे (पुणे)। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। रेडियो प्रसारण 1 सितंबर रात 9 बजे। सुनिए। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
नवरस दरबार — King & Cabinet का चौथा एपिसोड। सात रसों में सात आवाज़ें — अद्भुत में पूर्वी व्यास (अहमदाबाद), शृंगार में नीरज वर्मा (जालंधर), हास्य में रेबा गुप्ता (प्रयागराज), वीर में जितेन्द्र मालवीय (प्रयागराज), भयानक में रेखा चौरसिया (मिर्ज़ापुर), करुण में तपन कुमार पॉल (भुवनेश्वर) और शांत में अनिल पटेल (अहमदाबाद)। प्रस्तुति — AI RJ आदित्य और मीरा। रेडियो प्रसारण 31 अगस्त रात 9 बजे और 1 सितंबर सुबह 9 बजे। सुनिए। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
नवरस दरबार — King & Cabinet का तीसरा एपिसोड, 30 अगस्त 2026 को प्रसारित। चंडीगढ़ से कोलकाता, हासन से अगरतला — आठ रसों में आठ आवाज़ें, और हर एक ग़ैर-पेशेवर गायक की। बीभत्स रस में इस बार कोई प्रविष्टि नहीं आई। पूजा कमल ठक्कर का गीत यहाँ पूरा है — प्रसारण में उसका छोटा संस्करण गया था। प्रस्तुति: AI RJ आदित्य और मीरा। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
नौ रस, नौ स्वर, एक भावयात्रा। नवरस दरबार — King & Cabinet का दूसरा एपिसोड, 29 अगस्त 2026 को प्रसारित। शृंगार से शांत तक, नौ रसों में नौ नए गायक। प्रस्तुति: AI RJ आदित्य और मीरा। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
नौ रस, नौ स्वर, एक भावयात्रा। नवरस दरबार — King & Cabinet का पहला एपिसोड, 28 अगस्त 2026 को प्रसारित। शृंगार से शांत तक, नौ रसों में नौ गायक — और हर आवाज़ एक ग़ैर-पेशेवर गायक की। प्रस्तुति: AI RJ आदित्य और मीरा। मतदान समाप्त हो चुका है — यह एपिसोड अब सुनने के लिए उपलब्ध है।
स्वरांजलि — राष्ट्र के नाम | SWARANJALI: A Tribute to the Nation
SWARANJALI · A Tribute to the Nation
15 अगस्त 2026 · 1:05:43 · 28 आवाज़ें
अट्ठाईस आवाज़ें। पंद्रह शहर। और उनमें एक भी पेशेवर गायक नहीं। पंद्रह अगस्त के प्रसारण से बना यह कार्यक्रम, आदित्य और मीरा की प्रस्तुति में — रेडियो सुर संगम के पहले AI उद्घोषक।